‘आशुतोष दीक्षित’ बने भारतीय वायुसेना के नए उप प्रमुख
2026-06-06 : हाल ही में, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के अगले उप वायुसेना प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ – VCAS) के रूप में नियुक्त किया गया है। अब एक फाइटर पायलट और बेहद अनुभवी टेस्ट पायलट एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 01 जुलाई को एयर स्टाफ के वाइस चीफ का पद संभालेंगे। आपको बता दे की दीक्षित भारतीय वायुसेना के अत्यंत अनुभवी लड़ाकू पायलटों में गिने जाते हैं।
दिसंबर 1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में अनेक महत्वपूर्ण परिचालन, प्रशिक्षण और रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके पास 3,300 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव है और उन्होंने अलग-अलग लड़ाकू विमानों का संचालन किया है। भारतीय वायुसेना में इनकी सेवा के लिए इन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
About Indian Navy In Hindi-
भारतीय नौसेना देश की सैन्य ताकत का बहुत अहम हिस्सा है। यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है। वर्तमान में भारतीय नौसेना अपने विशालकाय और एडवांस फीचर से लैस युद्धक पोतों, सबमरीन्स के बलबूते दुनिया भर में चौथे स्थान पर आती है।
भारतीय नौसेना की स्थापना साल 1612 में किया गया था। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी की समुद्री सेना के रूप में एक सेना का गठन किया। इसके बाद साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया।
फिर इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर "बॉम्बे मरीन (Bombay Marine)" कर दिया गया। बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया। जिसे बाद में रॉयल इंडियन नेवी का नाम दिया गया। भारत की स्वतंत्रता के बाद, नौसेना को वर्ष 1950 में फिर से गठित किया गया और इसका नाम बदल कर भारतीय नौसेना कर दिया गया।