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‘कृष्णा स्वामीनाथन’ बने भारत के 27वें चीफ नेवल स्टाफ (CNS)

‘कृष्णा स्वामीनाथन’ बने भारत के 27वें चीफ नेवल स्टाफ (CNS)


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2026-06-01 : हाल ही में, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (Admiral krishna swaminathan) भारत के 27वें चीफ नेवल स्टाफ (CNS) बने है। आपको बता दे की इन्होने यहाँ इस पद पर "दिनेश कुमार त्रिपाठी" का स्थान लिया है। कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में विशेषज्ञता रखने वाले स्वामीनाथन इससे पहले INS विद्युत, INS विनाश, INS कुलिश, INS मैसूर, INS विक्रमादित्य जैसे युद्धपोतों की कमान संभाल चुके हैं। और इस पद से पहले वह वर्ष 2024 से 2025 तक वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के पद पर रह चुके हैं।

पिछले दिनों भारत सरकार ने देश की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए दो अहम नियुक्तियों का एलान किया था। जिसमे सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया एवं वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का नया प्रमुख बनाया था।

स्वामीनाथन 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। उनकी शैक्षणिक योग्यताओं में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से बीएससी, कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कोच्चि से दूरसंचार में एमएससी, किंग्स कॉलेज, लंदन से रक्षा अध्ययन में एमए, मुंबई विश्वविद्यालय से सामरिक अध्ययन में एमफिल और मुंबई विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में पीएचडी शामिल हैं।

About Indian Navy In Hindi-

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भारतीय नौसेना देश की सैन्य ताकत का बहुत अहम हिस्सा है। यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है। वर्तमान में भारतीय नौसेना अपने विशालकाय और एडवांस फीचर से लैस युद्धक पोतों, सबमरीन्स के बलबूते दुनिया भर में चौथे स्थान पर आती है।​​

भारतीय नौसेना की स्थापना साल 1612 में किया गया था। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी की समुद्री सेना के रूप में एक सेना का गठन किया। इसके बाद साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया।​​

फिर इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर "बॉम्बे मरीन (Bombay Marine)" कर दिया गया। बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया। जिसे बाद में रॉयल इंडियन नेवी का नाम दिया गया। भारत की स्वतंत्रता के बाद, नौसेना को वर्ष 1950 में फिर से गठित किया गया और इसका नाम बदल कर भारतीय नौसेना कर दिया गया।

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