वाइस एडमिरल ‘कृष्णा स्वामीनाथन’ को भारतीय नौसेना के नए प्रमुख
2026-05-11 : हाल ही में, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (Vice Admiral Krishna Swaminathan) को दिनेश त्रिपाठी के स्थान पर भारतीय नौसेना का अब तक का 27वां प्रमुख नियुक्त किया गया है। आपको बता दे की स्वामीनाथन 1 जुलाई, 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुए थे और संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के विशेषज्ञ हैं। वह अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जहाजों विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS मैसूर, मिसाइल कार्वेट INS कुलिश की कमान संभाल चुके हैं।
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन नेशनल डिफेंस एकेडमी (खड़कवासला) के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उन्होंने यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और मुंबई विश्वविद्यालय से उच्च सैन्य और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में शिक्षा प्राप्त की है। अब तक इन्हें देश की सेवा में योगदान देने के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
About Indian Navy In Hindi-
भारतीय नौसेना देश की सैन्य ताकत का बहुत अहम हिस्सा है। यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है। वर्तमान में भारतीय नौसेना अपने विशालकाय और एडवांस फीचर से लैस युद्धक पोतों, सबमरीन्स के बलबूते दुनिया भर में चौथे स्थान पर आती है।
भारतीय नौसेना की स्थापना साल 1612 में किया गया था। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी की समुद्री सेना के रूप में एक सेना का गठन किया। इसके बाद साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया।
फिर इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर "बॉम्बे मरीन (Bombay Marine)" कर दिया गया। बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया। जिसे बाद में रॉयल इंडियन नेवी का नाम दिया गया। भारत की स्वतंत्रता के बाद, नौसेना को वर्ष 1950 में फिर से गठित किया गया और इसका नाम बदल कर भारतीय नौसेना कर दिया गया।